किसानों की जीत! लेट क्लेम पर बीमा कंपनी देगी 12% ब्याज crop insurance update

crop insurance update भारत के किसान हर साल प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि और कीट हमले का सामना करते हैं। ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) उनकी सबसे बड़ी सहारा बनती है। पहले क्लेम मिलने में महीनों लग जाते थे, जिससे किसानों की आर्थिक हालत और खराब हो जाती थी। अब केंद्र सरकार ने योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिससे क्लेम की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो गई है।

खरीफ 2025 से लागू नए नियमों के तहत बीमा कंपनियों को अब सख्त समय सीमा का पालन करना होगा। ये बदलाव किसानों को त्वरित आर्थिक सहायता देंगे और अगले सीजन की तैयारी आसान बनाएंगे। आइए विस्तार से समझते हैं ये नए नियम क्या हैं।

1. क्लेम सेटलमेंट की सख्त समय सीमा

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, फसल नुकसान का आकलन पूरा होने और यील्ड डेटा (उत्पादन आंकड़े) प्राप्त होने के बाद बीमा कंपनी को 21 दिनों के अंदर किसान के बैंक खाते में क्लेम की राशि जमा करनी अनिवार्य है।
पहले यह प्रक्रिया कई महीनों तक खिंच जाती थी। अब यह समय सीमा किसानों को समय पर राहत दिलाएगी और उनकी आय का चक्र सुचारू रखेगी।

2. देरी पर 12% ब्याज का जुर्माना crop insurance update

यदि बीमा कंपनी 21 दिनों में क्लेम का भुगतान नहीं करती, तो उसे 12% वार्षिक ब्याज सहित देरी से राशि देनी पड़ेगी।
यह प्रावधान बीमा कंपनियों की लापरवाही पर लगाम लगाएगा और पूरी प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाएगा। किसानों को अब अपनी हक की राशि पर अतिरिक्त ब्याज भी मिलेगा।

3. तकनीक से तेज और पारदर्शी प्रक्रिया

सरकार ने राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (National Crop Insurance Portal) का उपयोग बढ़ाया है। अब तक देश के लगभग 2.90 करोड़ किसानों की Farmer ID इस पोर्टल से जुड़ चुकी हैं।
इससे आधार लिंक्ड बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) बहुत आसान हो गया है। पहचान सत्यापन, आवेदन जांच और भुगतान अब तेज तथा सटीक तरीके से हो रहा है।

किसानों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे?

  • समय पर आर्थिक सहायता: प्राकृतिक आपदा के बाद किसानों को महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
  • अगले सीजन की बेहतर तैयारी: खरीफ के नुकसान की भरपाई जल्दी मिलने से रबी फसलों के लिए बीज, खाद और अन्य जरूरी सामग्री समय पर खरीद सकेंगे।
  • महाजनों के जाल से मुक्ति: तुरंत पैसा मिलने से ऊंचे ब्याज पर निजी कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • भरोसा बढ़ेगा: पारदर्शी सिस्टम और सख्त जुर्माने से किसान इस योजना पर ज्यादा विश्वास करेंगे।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अब वास्तव में किसानों के हित में काम कर रही है। 21 दिनों की समय सीमा और 12% ब्याज जुर्माने जैसे प्रावधान कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। इन नियमों से अन्नदाता को मजबूत सुरक्षा कवच मिलेगा और वे बिना चिंता के खेती कर सकेंगे।

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